उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय का कीर्तिमान, 69 पारिवारिक वादों का हुआ निस्तारण

गाजीपुर राष्ट्रीय लोक अदालत में 69 पारिवारिक मामलों का निस्तारण हुआ। 35 भरण-पोषण मामलों में भुगतान मिला, जबकि 10 दंपति सुलह के बाद फिर साथ आए।

Reported by Pradeep Dubey and edited by Shagun Chaurasia

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय गाजीपुर ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए कुल 69 पारिवारिक वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय गाजीपुर के पीठासीन अधिकारी शैलोज चंद्रा की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में बड़ी संख्या में पारिवारिक विवादों का समाधान आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया।

लोक अदालत में खुशियां

निस्तारित मामलों में सबसे अधिक 35 वाद भरण-पोषण से संबंधित रहे। इन मामलों में पीड़ित महिलाओं को उनके बकाया भरण-पोषण की पूरी धनराशि मौके पर ही दिलाई गई। इससे संबंधित महिलाओं को काफी राहत मिली। लोक अदालत के दौरान 10 बिछड़े दंपतियों ने अपने विवादों को समाप्त कर दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया। न्यायालय में उपस्थित इन दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर खुशी जताई और मिठाई बांटकर आपसी सहमति से नए सिरे से दांपत्य जीवन शुरू करने का संकल्प लिया। इस दौरान न्यायालय परिसर में खुशी का माहौल रहा।

निस्तारण बढ़ाने पर जोर

प्रधान न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने बताया कि पिछले दो माह के दौरान सुलह-समझौते के लिए मीडिएशन सेंटर में 200 से अधिक मामले भेजे गए थे। इनमें से केवल पांच मामलों में ही मीडिएशन के माध्यम से सफलतापूर्वक समझौता हो सका। उन्होंने कहा कि यदि मीडिएशन के माध्यम से समझौते के मामलों की संख्या अधिक होती तो राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण का आंकड़ा और भी बढ़ सकता था।

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